D.El.Ed Rule Change:शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए साल 2026 कई बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक शिक्षा प्रणाली को मजबूत और व्यावहारिक बनाने के लिए नए नियम तैयार किए हैं। इन बदलावों का असर B.Ed, D.El.Ed, B.El.Ed और नए इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) पर पड़ेगा। अब सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता, स्किल और प्रैक्टिकल अनुभव को भी ज्यादा महत्व दिया जाएगा।
B.Ed और D.El.Ed में क्या बदलेगा
अब तक ग्रेजुएशन के बाद दो साल का B.Ed सबसे आम विकल्प था। लेकिन नए नियमों के तहत इसमें बदलाव किया गया है।
2026 से पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके छात्रों के लिए एक साल का B.Ed कोर्स उपलब्ध होगा। वहीं 12वीं के बाद शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) अनिवार्य किया जाएगा। आने वाले समय में D.El.Ed और B.El.Ed जैसे कोर्स भी इसी इंटीग्रेटेड सिस्टम में शामिल किए जाएंगे।
प्राइमरी और सेकेंडरी शिक्षकों के लिए अलग योग्यता
नए नियमों में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किस कक्षा में पढ़ाने के लिए कौन-सी डिग्री जरूरी होगी।
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प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए ITEP या D.El.Ed मान्य होगा।
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माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक बनने के लिए B.Ed जरूरी रहेगा।
इससे छात्रों को पहले से ही सही दिशा में कोर्स चुनने में आसानी होगी और भ्रम की स्थिति खत्म होगी।
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सिलेबस और ट्रेनिंग में बड़े बदलाव
B.Ed और D.El.Ed New Rule 2026 के तहत पढ़ाई का सिलेबस भी पूरी तरह बदला जाएगा। अब केवल थ्योरी पर जोर नहीं रहेगा।
नए सिलेबस में शामिल होंगे –
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डिजिटल शिक्षा और टेक्नोलॉजी का उपयोग
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बच्चों का मनोविज्ञान और व्यवहार
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आधुनिक शिक्षण पद्धतियां
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स्कूलों में लंबी अवधि की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
इससे शिक्षक वास्तविक क्लासरूम चुनौतियों को बेहतर तरीके से संभाल सकेंगे।
एक साल के B.Ed की पात्रता
एक साल का B.Ed कोर्स खास तौर पर पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए बनाया गया है। इसके लिए –
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संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री जरूरी होगी
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चार साल का इंटीग्रेटेड ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी पात्र हो सकते हैं
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प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा जैसे NCET लागू हो सकती है
इससे कम समय में शिक्षक बनने का मौका मिलेगा और समय व पैसे दोनों की बचत होगी।
नए नियमों से छात्रों को क्या फायदा होगा
इन बदलावों से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गुणवत्ता बढ़ेगी। उम्मीदवारों को पहले से पता रहेगा कि किस स्तर की नौकरी के लिए कौन-सा कोर्स जरूरी है। ITEP से शुरू से ही प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे शिक्षकों की समझ और कौशल मजबूत होगा। लंबे समय में इसका असर छात्रों की पढ़ाई और स्कूलों के परिणामों पर भी दिखेगा।
फर्जी संस्थानों पर लगेगी रोक
NCTE के नए नियमों के अनुसार केवल मान्यता प्राप्त और तय मानकों पर खरे उतरने वाले संस्थान ही शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स चला सकेंगे। इससे बिना संसाधन और उचित ट्रेनिंग वाले फर्जी कॉलेजों पर लगाम लगेगी। अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य फैकल्टी वाले संस्थान ही आगे बने रहेंगे।
नई शिक्षा नीति 2020 से जुड़ा बदलाव
B.Ed और D.El.Ed के नए नियम नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हैं। इस नीति का लक्ष्य है कि 2030 तक चार साल के इंटीग्रेटेड कोर्स को न्यूनतम योग्यता बनाया जाए, ताकि शिक्षक शुरुआत से ही अपने पेशे के लिए पूरी तरह तैयार हों।
B.Ed और D.El.Ed New Rule 2026 शिक्षक शिक्षा प्रणाली में एक जरूरी और सकारात्मक बदलाव है। यह नियम डिग्री से ज्यादा कौशल और गुणवत्ता पर जोर देता है। जो युवा शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह सही समय है कि वे सही कोर्स चुनकर भविष्य की तैयारी करें।









