Cheque Bounce New Rule:आज के समय में डिजिटल पेमेंट बढ़ने के बावजूद चेक का इस्तेमाल अभी भी किराया, व्यापारिक लेनदेन और कर्ज भुगतान में किया जाता है। लेकिन अगर चेक बाउंस हो जाए, तो अब यह पहले से कहीं ज्यादा गंभीर मामला बन गया है। RBI और सरकार ने चेक बाउंस से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है, ताकि लोग बिना पैसे के चेक जारी न करें।
नए नियम लाने की जरूरत क्यों पड़ी
पिछले कुछ वर्षों में चेक बाउंस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कई लोग खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के बावजूद चेक दे देते हैं। इससे सामने वाले व्यक्ति को आर्थिक नुकसान होता है और कोर्ट में केस बढ़ते हैं। इसी समस्या को रोकने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
चेक बाउंस पर क्या होगी सजा
नए नियमों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का चेक खाते में पैसे न होने के कारण बाउंस हो जाता है, तो उसे 2 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा कोर्ट चेक की रकम के दोगुने तक जुर्माना भी लगा सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर ₹10,000 का चेक बाउंस हुआ है, तो ₹20,000 तक जुर्माना देना पड़ सकता है।
₹10,000 तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ
चेक बाउंस होने पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि बैंक चार्ज, कानूनी खर्च और अन्य फीस भी देनी पड़ती है। इन सभी खर्चों को मिलाकर कुल नुकसान ₹10,000 या उससे ज्यादा भी हो सकता है। इसलिए अब एक छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
तीन बार चेक बाउंस होने पर खाता हो सकता है बंद
नए नियमों में यह भी कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति का चेक तीन बार बाउंस होता है, तो बैंक उसका खाता अस्थायी रूप से बंद कर सकता है। ऐसे में न तो पैसे निकाल पाएंगे और न ही कोई लेनदेन कर सकेंगे। इससे आपकी आर्थिक स्थिति और बैंक रिकॉर्ड दोनों खराब हो सकते हैं।
अब ऑनलाइन शिकायत की सुविधा
पहले चेक बाउंस की शिकायत करना मुश्किल और समय लेने वाला काम था। लेकिन अब शिकायत ऑनलाइन की जा सकती है। इससे पीड़ित व्यक्ति आसानी से शिकायत दर्ज करा सकता है और मामले की सुनवाई भी तेजी से हो सकती है।
चेक जारी करते समय रखें ये सावधानियां
चेक देने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
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खाते में पर्याप्त बैलेंस चेक करें
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चेक सही और साफ तरीके से भरें
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तारीख, नाम और रकम स्पष्ट लिखें
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कटे-फटे या पुराने चेक का इस्तेमाल न करें
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चेक की वैधता आमतौर पर 3 महीने होती है
चेक बाउंस हो जाए तो क्या करें
अगर किसी कारण से आपका चेक बाउंस हो जाता है, तो तुरंत प्राप्तकर्ता से संपर्क करें। गलती स्वीकार करें और जल्द से जल्द वैकल्पिक भुगतान की व्यवस्था करें। कई बार समय पर समाधान करने से मामला कोर्ट तक जाने से बच सकता है।
वित्तीय अनुशासन क्यों है जरूरी
इन सख्त नियमों का मकसद लोगों को डराना नहीं, बल्कि जिम्मेदार बनाना है। जब लोग सोच-समझकर चेक जारी करेंगे, तो बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा और ईमानदार लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।
नए चेक बाउंस नियमों के बाद अब बिना पैसे के चेक देना बहुत जोखिम भरा हो गया है। छोटी सी गलती जेल, भारी जुर्माना और बैंक खाता बंद होने जैसी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। इसलिए हमेशा सावधानी रखें, वित्तीय अनुशासन अपनाएं और जिम्मेदारी से लेनदेन करें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। चेक बाउंस से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक जानकारी के लिए अपने बैंक या कानूनी सलाहकार से संपर्क करें।









