Traffic Rules New Updateदेशभर के बाइक चालकों के बीच इन दिनों एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि अब बिना हेलमेट बाइक चलाने पर चालान नहीं कटेगा। इस दावे ने कई लोगों को राहत की उम्मीद दी है, तो वहीं कुछ लोग इसे ट्रैफिक नियमों में ढील के रूप में देख रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि यह अपडेट नियम खत्म होने से जुड़ा नहीं, बल्कि चालान काटने की प्रक्रिया में बदलाव से संबंधित है।
क्या सच में बिना हेलमेट चलाने की छूट मिल गई है?
इस सवाल का सीधा जवाब है – नहीं। बिना हेलमेट बाइक चलाना आज भी कानूनन अपराध है। सरकार ने हेलमेट पहनने के नियम में कोई छूट नहीं दी है। बदलाव सिर्फ इतना है कि अब हर जगह ट्रैफिक पुलिस मौके पर चालान काटे, यह जरूरी नहीं है। सरकार ट्रैफिक नियमों को लागू करने के लिए डिजिटल और कैमरा आधारित सिस्टम को ज्यादा मजबूत कर रही है।
नया ट्रैफिक नियम क्या कहता है?
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अनुसार, अब जिन इलाकों में CCTV या AI आधारित ट्रैफिक कैमरे लगे हैं, वहां बिना हेलमेट बाइक चलाने पर कैमरा खुद ही उल्लंघन को रिकॉर्ड करेगा। इसके बाद वाहन नंबर के आधार पर ई-चालान अपने आप जनरेट हो जाएगा और वाहन मालिक तक पहुंच जाएगा।
अगर किसी जगह कैमरा नहीं है या तकनीकी कारण से उल्लंघन रिकॉर्ड नहीं हो पाया, तो ट्रैफिक पुलिस के पास अब भी मैन्युअल चालान काटने का पूरा अधिकार है। यानी नियम पहले जैसे ही हैं, सिर्फ निगरानी का तरीका बदला गया है।
हेलमेट पहनना अब भी क्यों जरूरी है?
भारत में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दोपहिया वाहन चालकों की होती हैं। हेलमेट सिर की गंभीर चोटों से बचाता है और जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।
यह नियम सिर्फ बाइक चलाने वाले तक सीमित नहीं है, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट जरूरी है। बिना हेलमेट पकड़े जाने पर जुर्माना, लाइसेंस पर पेनल्टी पॉइंट और बार-बार नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान अब भी लागू है।
ई-चालान सिस्टम कैसे काम करता है?
ई-चालान सिस्टम पूरी तरह से आधुनिक तकनीक पर आधारित है। सड़क पर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे वाहन की तस्वीर लेते हैं। AI सॉफ्टवेयर यह पहचान करता है कि चालक ने हेलमेट पहना है या नहीं। इसके बाद नंबर प्लेट स्कैन कर वाहन मालिक की जानकारी निकाली जाती है और ऑटोमैटिक चालान बन जाता है।
यह चालान वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए या परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाता है। इससे समय की बचत होती है और गलत चालान या बहस जैसी समस्याएं भी कम होती हैं।
किन शहरों में लागू है यह व्यवस्था?
देश के कई बड़े शहरों में पहले से ही यह व्यवस्था लागू है। दिल्ली, मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, भोपाल और अहमदाबाद जैसे शहरों में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनने और मोबाइल पर बात करने पर सीधे ई-चालान भेजा जा रहा है।
सरकार अब इस सिस्टम को छोटे शहरों, कस्बों और नेशनल हाईवे तक फैलाने की तैयारी में है ताकि ट्रैफिक नियमों का पालन और सख्ती से कराया जा सके।
बाइक चालकों को क्या फायदा होगा?
नई व्यवस्था से उन लोगों को फायदा होगा जो नियमों का पालन करते हैं। अब मौके पर रोकने, बहस करने या गलत चालान की संभावना कम होगी। सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बन रहा है।
लेकिन जो लोग यह सोच रहे हैं कि बिना हेलमेट चलाने पर बच जाएंगे, उन्हें समझना चाहिए कि कैमरा आधारित सिस्टम और ज्यादा सख्त है, क्योंकि यह 24 घंटे काम करता है।
बाइक चालकों के लिए जरूरी सलाह
हर बाइक चालक को हेलमेट पहनने को सिर्फ चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा की आदत बनानी चाहिए। हमेशा सही साइज और ISI मार्क वाला हेलमेट पहनें।
इसके साथ ही समय-समय पर ई-चालान की स्थिति परिवहन विभाग की वेबसाइट या ऐप पर चेक करते रहें और जुर्माना समय पर भरें।
संक्षेप में कहा जाए तो बिना हेलमेट चलाने पर चालान नहीं कटेगा – यह खबर गलत है। नियम पहले जैसे ही हैं, बस चालान की प्रक्रिया डिजिटल और तकनीक आधारित हो गई है। इसलिए सुरक्षित रहें, नियमों का पालन करें और हेलमेट जरूर पहनें।









